नई दिल्ली | Action Bharat News नीट पेपर लीक के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामलों में दिल्ली पुलिस ने अपना रुख साफ कर दिया है। पुलिस मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रव फैलाने वालों पर दर्ज 21 एफआईआर किसी भी हाल में वापस नहीं ली जाएंगी।
पुलिस के अनुसार ये सभी मुकदमे अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं और इनमें किसी भी छात्र को नामजद नहीं किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन हिंसा और अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
“जब कोई नामजद नहीं, तो FIR कैसे वापस लें?”
CJP प्रवक्ता सौरभ दास लगातार सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कर रहे थे। इस पर दिल्ली पुलिस ने जवाब दिया कि किसी भी छात्र को नामजद ही नहीं किया गया है, इसलिए मुकदमे वापस लेने का सवाल नहीं उठता।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि कोई छात्र उपद्रव में शामिल नहीं पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अपराध में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
20 से 25 जुलाई के बीच फैली हिंसा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर, संसद मार्ग, जनपथ, रायसीना मार्ग, अशोक रोड और टॉलस्टॉय मार्ग पर व्यापक हिंसा हुई। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, पुलिस पर पथराव हुआ और कई संवेदनशील इलाकों में बैरिकेड तोड़े गए।
अधिकारियों के अनुसार इस दौरान:
-
16 पुलिस और सुरक्षा वाहनों को नुकसान पहुंचा
-
100 से अधिक बैरिकेड तोड़े गए
-
240 पुलिसकर्मी घायल हुए
-
35 आईपीएस और DANIPS अधिकारी भी घायल हुए
-
एसीपी विवेक भगत पर हमले में उनके दांत टूटने और सामान छीने जाने का भी आरोप है।
21 FIR में क्या-क्या शामिल?
पुलिस के अनुसार दर्ज मामलों में:
-
12 मामले आपराधिक साजिश और दंगा
-
2 मामले महिला पत्रकारों से छेड़छाड़
-
1 मामला संवेदनशील क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने
-
1 मामला CCTV चोरी
-
3 मामले डीपफेक वीडियो
-
2 मामले अन्य चोरी से जुड़े हैं।
संसद की ओर बढ़ने की कोशिश का आरोप
पुलिस का दावा है कि उपद्रवियों ने कई स्तर के बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की। जांच एजेंसियों को कई वीडियो फुटेज मिले हैं, जिनके आधार पर साजिश और हिंसा की भूमिका की जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने दो टूक कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
