नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में घायल दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवारों ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष सामने रखा। परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थे।
घायल पुलिस अधिकारियों की पत्नियों, बेटे और बेटी ने बताया कि उस रात उनके परिवारों ने भय, चिंता और दर्द का सामना किया। उनका कहना है कि वर्दी के पीछे सिर्फ एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि पूरा परिवार होता है।
सब-इंस्पेक्टर संदीप की बेटी ने दावा किया कि उनके पिता 25 जुलाई की रात गंभीर रूप से घायल अवस्था में घर पहुंचे। उनकी वर्दी खून से सनी हुई थी और सिर में चार टांके लगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ में मौजूद कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया और बाद में सोशल मीडिया पर उन्हें ही अपराधी बताने की कोशिश की।
घायल एएसआई धर्मेंद्र सिंह की पत्नी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनके पति पर पथराव हुआ और सुरक्षा हेलमेट भी टूट गया। उन्होंने संसद से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के मानवाधिकारों पर भी चर्चा किए जाने की अपील की।
वहीं घायल एसीपी कैलाश बिष्ट के बेटे ने कहा कि अस्पताल में पिता को गंभीर चोटों के साथ देखकर पूरा परिवार सदमे में था। उन्होंने मांग की कि पुलिसकर्मियों का पक्ष भी देश के सामने आना चाहिए।
परिजनों का कहना है कि वे किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के विरोध में नहीं हैं, लेकिन हिंसा करने वाले तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और घायल पुलिसकर्मियों को भी न्याय मिलना चाहिए।
(यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और परिवारों द्वारा प्रेस वार्ता में रखे गए दावों पर आधारित है। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी है।)
#DelhiPolice #CJP #JantarMantar #DelhiNews #BreakingNews #Police #Justice #DelhiNews24
