नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए Farmer ID को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार के AgriStack सिस्टम के तहत Farmer ID को धीरे-धीरे किसानों की अलग डिजिटल पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी और पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Farmer ID की अनिवार्यता पूरे देश में हर किसान के लिए एक जैसी नहीं है। अलग-अलग राज्यों में इसके इस्तेमाल और अनिवार्यता के नियम अलग हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश में इसे सरकारी कृषि योजनाओं और इनपुट वितरण से काफी हद तक जोड़ा गया है।
Farmer ID आखिर है क्या?
Farmer ID, केंद्र के AgriStack के तहत बनाई जा रही किसानों की डिजिटल पहचान है। इसमें किसान की पहचान को जमीन और खेती से जुड़े रिकॉर्ड के साथ जोड़ा जाता है।
केंद्र सरकार के अनुसार Farmer ID का इस्तेमाल PM-KISAN, फसल बीमा, MSP आधारित खरीद, कृषि ऋण और कृषि इनपुट वितरण जैसी सेवाओं को एक डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए किया जा रहा है।
AgriStack के आधिकारिक FAQ के अनुसार Farmer ID एक बार बनने के बाद सामान्यतः जीवनभर के लिए वैध रहती है।
यूपी में खाद के लिए भी Farmer ID का कनेक्शन
उत्तर प्रदेश में Farmer ID को कृषि योजनाओं और कृषि इनपुट वितरण से जोड़ने का फैसला किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में लाभार्थी आधारित योजनाओं के तहत खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि इनपुट के वितरण में Farmer ID का इस्तेमाल किया जा रहा है। मई 2026 से सब्सिडी वाली खाद के वितरण को Farmer ID और Farmer Registry रिकॉर्ड से जोड़ने की व्यवस्था भी लागू की गई है।
इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन किसान कितना कृषि इनपुट खरीद रहा है, ताकि सब्सिडी वाली खाद के दुरुपयोग और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाई जा सके।
क्या Farmer ID नहीं है तो PM-KISAN के ₹2,000 भी रुक जाएंगे?
यहां किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
PM-KISAN की केंद्रीय वेबसाइट पर फिलहाल स्पष्ट रूप से e-KYC को अनिवार्य बताया गया है। वेबसाइट पर Farmer ID को हर मौजूदा लाभार्थी की 24वीं किस्त रोकने की अखिल भारतीय शर्त के रूप में अलग से घोषित नहीं किया गया है।
लेकिन केंद्र सरकार Farmer ID को PM-KISAN सहित विभिन्न DBT योजनाओं से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। फरवरी 2026 में कृषि मंत्रालय ने लोकसभा में बताया था कि Farmer ID से PM-KISAN, PMFBY, MSP procurement, credit और input distribution जैसी सेवाओं का integration किया जा रहा है।
इसलिए “Farmer ID नहीं तो पूरे देश में 24वीं किस्त नहीं मिलेगी” कहना अभी सही नहीं होगा। राज्य-विशेष नियम और PM-KISAN की केंद्रीय eligibility/e-KYC requirements को अलग-अलग समझना जरूरी है।
24वीं किस्त कब आएगी?
अभी तक केंद्र सरकार ने 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।
PM-KISAN में सालाना ₹6,000 की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई थी।
इसलिए 24वीं किस्त को लेकर अक्टूबर-नवंबर जैसी तारीखों की चर्चा हो रही है, लेकिन जब तक कृषि मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तारीख को पक्का नहीं माना जाना चाहिए।
किसान अभी क्या करें?
अगर आप PM-KISAN के लाभार्थी हैं तो अभी ये चार चीजें जरूर जांच लें:
1. e-KYC पूरी है या नहीं
PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार registered farmers के लिए e-KYC mandatory है।
2. PM-KISAN Status चेक करें
Know Your Status के जरिए अपना beneficiary status और payment से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।
3. Farmer ID/किसान रजिस्ट्री की स्थिति देखें
खासकर अगर आप उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हैं, जहां Farmer ID को कृषि योजनाओं और खाद वितरण से जोड़ा गया है।
4. जमीन के रिकॉर्ड में नाम और विवरण जांचें
Farmer Registry में किसान की पहचान को भूमि रिकॉर्ड से जोड़ने का उद्देश्य ही एक verified digital farmer database बनाना है।
Farmer ID बनाने के लिए क्या चाहिए?
PM-KISAN के आधिकारिक Farmer Registration सिस्टम में Aadhaar authentication और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है।
राज्य के अनुसार प्रक्रिया अलग हो सकती है, लेकिन आम तौर पर Aadhaar, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जरूरत पड़ सकती है।
किसान अपने राज्य के आधिकारिक Farmer Registry/AgriStack पोर्टल या नजदीकी CSC/कृषि विभाग के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
किसानों के लिए सबसे जरूरी बात
Farmer ID को लेकर पूरे देश के किसानों पर एक ही नियम लागू नहीं है। केंद्र Farmer ID को कृषि सेवाओं से जोड़ रहा है, जबकि राज्यों में इसकी अनिवार्यता अलग-अलग चरणों में लागू हो रही है। यूपी में इसका इस्तेमाल खाद और अन्य कृषि योजनाओं में महत्वपूर्ण हो चुका है।
और 24वीं PM-KISAN किस्त की तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है।
ACTION BHARAT | किसान विशेष
