नई दिल्ली। आजकल सुबह आंख खुलते ही मोबाइल फोन देखने की आदत आम हो गई है। सोशल मीडिया, मैसेज और खबरों की शुरुआत कई लोगों के दिन का पहला काम बन चुकी है। ऐसे में वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज आध्यात्मिक दिनचर्या अपनाने की सलाह देते हैं।
उनके बताए अनुसार, दिन की शुरुआत मोबाइल देखने के बजाय संतों के स्मरण से करना मन को शांत रखने और सकारात्मक सोच विकसित करने का एक आध्यात्मिक अभ्यास हो सकता है।
प्रेमानंद महाराज ने बताए 5 संतों के नाम
प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों के अनुसार, सुबह उठकर कुछ समय संतों का स्मरण किया जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से इन संतों के नाम बताए गए हैं—
- श्री हरिवंश महाप्रभु जी
- स्वामी हरिदास जी महाराज
- श्री हरिराम व्यास जी
- श्री रूप गोस्वामी जी
- श्री सनातन गोस्वामी जी
मान्यता है कि संतों का स्मरण व्यक्ति को उनकी भक्ति, साधना और ईश्वर के प्रति समर्पण की याद दिलाता है।
सुबह मोबाइल देखने के बजाय करें ये काम
सुबह उठने के बाद तुरंत सोशल मीडिया या मोबाइल की स्क्रीन देखने के बजाय कुछ मिनट शांत बैठकर संतों का स्मरण किया जा सकता है। इसके बाद ईश्वर का ध्यान, प्रार्थना या नाम-जप करने की दिनचर्या बनाई जा सकती है।
इस तरह दिन की शुरुआत भागदौड़ और सूचनाओं के बजाय शांत मन से करने का प्रयास किया जा सकता है।
संतों का नाम लेने से क्या लाभ बताए जाते हैं?
आध्यात्मिक दृष्टि से संतों का स्मरण कई सकारात्मक प्रभावों से जोड़ा जाता है। जैसे—
- मन को शांति मिलने का अनुभव
- ईश्वर के प्रति आस्था मजबूत होना
- नकारात्मक विचारों से ध्यान हटना
- दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होना
- आत्मविश्वास और मानसिक स्थिरता बढ़ाने में मदद मिलना
हालांकि ये आध्यात्मिक मान्यताएं हैं, इन्हें किसी चिकित्सकीय उपचार या वैज्ञानिक गारंटी के रूप में नहीं लेना चाहिए।
सिर्फ 5 मिनट से शुरू करें
इसके लिए कोई लंबी पूजा या कठिन नियम जरूरी नहीं है। सुबह उठकर कुछ मिनट शांत बैठें, अपने आराध्य और संतों का स्मरण करें और फिर अपने दिन के काम शुरू करें।
संदेश यही है—दिन की पहली नजर मोबाइल की स्क्रीन पर नहीं, बल्कि अपने भीतर की शांति पर डालने की कोशिश करें।
