रक्षाबंधन पर भाई से पहले इन देवताओं को बांधें राखी, मान्यता है मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

धर्म-अध्यात्म

नई दिल्ली। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का पर्व है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई को राखी बांधने से पहले कुछ देवी-देवताओं को राखी अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।

🕉️ सबसे पहले गणपति को बांधें राखी

मान्यता है कि भगवान गणेश प्रथम पूजनीय हैं। इसलिए रक्षाबंधन पर सबसे पहले गणपति को राखी अर्पित करने की परंपरा बताई गई है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इससे जीवन की बाधाएं दूर होने और शुभ कार्यों में सफलता का आशीर्वाद मिलता है।

🔱 भगवान शिव को अर्पित करें राखी

गणेश जी के बाद भगवान शिव को राखी बांधने की मान्यता है। रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, इसलिए इस दिन शिव पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु भगवान शिव से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और सुख की कामना करते हैं।

🚩 हनुमान जी को बांधें राखी

इसके बाद संकटमोचन हनुमान जी को राखी अर्पित करने की परंपरा बताई गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी की पूजा से भय और संकट से मुक्ति तथा शक्ति का आशीर्वाद मिलता है।

🦚 लड्डू गोपाल को भी बांध सकते हैं राखी

जिन घरों में लड्डू गोपाल की पूजा होती है, वहां उन्हें भी राखी बांधने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार इससे घर में सुख-शांति और सौभाग्य बना रहता है। लड्डू गोपाल न होने पर भगवान कृष्ण की प्रतिमा को भी राखी अर्पित की जा सकती है।

🛕 घर के मंदिर में अन्य देवी-देवताओं को राखी

इसके अलावा घर के मंदिर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं को भी श्रद्धापूर्वक राखी अर्पित की जा सकती है। इसके बाद भाई की कलाई पर राखी बांधने की परंपरा निभाई जाती है।

ध्यान दें: ये बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके शुभ परिणामों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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“भाई को राखी बांधने से पहले इन 4 देवताओं को जरूर अर्पित करें राखी, जानें धार्मिक मान्यता”

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गणपति से हनुमान जी तक—रक्षाबंधन पर देवताओं को राखी बांधने की क्या है परंपरा?

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