नई दिल्ली। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) और टीम मैनेजमेंट के बीच मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया है। गिल ने साफ कहा कि चोटिल खिलाड़ियों की फिटनेस और रिहैबिलिटेशन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत होती रही है।
खिलाड़ियों की फिटनेस पर लगातार नजर
गिल ने कहा कि टीम मैनेजमेंट CoE के लगातार संपर्क में है और चोट से उबर रहे खिलाड़ियों की प्रोग्रेस पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि साई सुदर्शन की फिटनेस में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, इसलिए टेस्ट मैच में उनके साथ जोखिम नहीं लिया गया। गिल के मुताबिक, पांच दिन के टेस्ट मैच में अधूरे फिट खिलाड़ी को उतारना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
‘टेस्ट में जोखिम नहीं ले सकते’
गिल ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर ज्यादा सावधानी जरूरी है। उनके अनुसार, वनडे या टी20 के मुकाबले टेस्ट मैच काफी लंबा होता है और पूरी तरह फिट नहीं होने वाले खिलाड़ी को मैदान पर उतारना सही फैसला नहीं होगा।
भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि टीम के पास 15 खिलाड़ियों का मजबूत पूल है और प्लेइंग-11 में जिसे भी मौका मिलेगा, वह मैच जिताने में योगदान देने की क्षमता रखता है।
बुमराह और साई सुदर्शन की फिटनेस पर निराशा
गिल ने माना कि टीम को जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन की उपलब्धता को लेकर निराशा हुई, लेकिन इससे टीम का मनोबल प्रभावित नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि टीम में मौजूद खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है और किसी एक-दो खिलाड़ी की अनुपस्थिति से भारत की तैयारियों पर बड़ा असर नहीं पड़ना चाहिए।
वॉशिंगटन सुंदर अभी रिकवरी पर
वॉशिंगटन सुंदर भी चोट से उबर रहे हैं। ऐसे में गिल ने युवा ऑलराउंडर मानव सुथार का समर्थन किया।
गिल के मुताबिक, मानव में अच्छी गेंदबाजी के साथ-साथ नंबर-8 पर उपयोगी बल्लेबाज बनने की क्षमता है। अगर उन्हें सीरीज के दौरान मौका मिलता है, तो वह टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं।
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शुभमन गिल ने BCCI और टीम मैनेजमेंट के बीच दरार की खबरों पर लगाया विराम। कप्तान ने कहा कि खिलाड़ियों की फिटनेस पर CoE के साथ लगातार बातचीत होती है और टेस्ट क्रिकेट में पूरी तरह फिट खिलाड़ियों को ही उतारना प्राथमिकता है। चोटों के बावजूद गिल ने 15 सदस्यीय भारतीय टीम पर पूरा भरोसा जताया है।
