मॉस्को। रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में पूर्व यूक्रेनी नौसैनिक अधिकारी रॉबर्ट शागीव की एक विस्फोट में मौत की खबर सामने आई है। रूसी पक्ष से जुड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि शागीव को निशाना बनाने के लिए उसके घर के पास एक कूड़ेदान में विस्फोटक उपकरण छिपाया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, जैसे ही शागीव इमारत की सीढ़ियों से नीचे आया, विस्फोट हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों को शुरुआती तौर पर किसी ड्रोन हमले का अंदेशा हुआ।
महिला पर हत्या की साजिश का आरोप
रूसी अधिकारियों ने इस मामले में 32 वर्षीय मार्गरीटा रियूट नाम की महिला को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया है। रूसी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियों का आरोप है कि महिला ने शागीव को निशाना बनाने के लिए विस्फोटक उपकरण वहां रखा था।
रूसी पक्ष से जुड़े स्रोतों में यह भी दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है और अदालत ने उसे हिरासत में भेज दिया है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।
यूक्रेनी खुफिया एजेंसी से कनेक्शन का दावा
रूसी जांच से जुड़े कुछ चैनलों और मीडिया रिपोर्टों में इस घटना के तार यूक्रेनी खुफिया तंत्र से जोड़ने का दावा किया गया है। हालांकि, इस स्तर पर यह स्पष्ट नहीं है कि इस दावे के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित सबूत क्या हैं।
युद्ध के दौरान रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों की ओर से ऐसे आरोप सामने आते रहे हैं, इसलिए इस मामले में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार महत्वपूर्ण होगा।
कौन था रॉबर्ट शागीव?
रिपोर्टों के मुताबिक, शागीव पहले यूक्रेनी नौसेना में अधिकारी था और 2014 में क्रीमिया के रूस के कब्जे में जाने के बाद रूस के साथ चला गया था।
बताया जाता है कि उस समय वह यूक्रेनी नौसैनिक पोत Zaporizhzhia से जुड़ा हुआ था। बाद में उसका संबंध रूसी सैन्य ढांचे से बताया गया।
यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा उसके खिलाफ देशद्रोह जैसे आरोप लगाए जाने की भी रिपोर्टें रही हैं।
क्रीमिया में बढ़ी ‘हाइब्रिड वॉर’ की घटनाएं
क्रीमिया रूस-यूक्रेन युद्ध में लंबे समय से संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है। यहां सैन्य प्रतिष्ठानों, अधिकारियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली घटनाओं की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
रूस लगातार ऐसे हमलों के लिए यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराता रहा है, जबकि यूक्रेन कई मामलों में प्रत्यक्ष जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करता।
क्या है इस खबर का सबसे बड़ा सवाल?
अगर रूसी जांच के दावे सही साबित होते हैं, तो यह घटना दिखाएगी कि युद्ध का मैदान केवल मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि खुफिया अभियान और लक्षित हमलों तक भी फैल चुका है।
लेकिन फिलहाल रॉबर्ट शागीव की हत्या, मार्गरीटा रियूट की कथित भूमिका और यूक्रेनी खुफिया कनेक्शन से जुड़े दावों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Action Bharat Fact Note: उपलब्ध खुले स्रोतों में इस घटना की स्वतंत्र और पर्याप्त पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इस खबर को प्रकाशित करते समय “रूसी अधिकारियों के अनुसार”, “रूसी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक” और “जांच एजेंसियों का दावा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उचित रहेगा।
