चेन्नई। तमिलनाडु में सरकारी कार्यक्रमों में ‘तमिल थाई वाज़थु’, ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के क्रम को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। उपलब्ध ताजा दिशा-निर्देशों के अनुसार, जब किसी सरकारी कार्यक्रम में राज्य गीत के साथ राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान भी प्रस्तुत किए जाते हैं, तो क्रम राज्य गीत → वंदे मातरम → राष्ट्रगान होना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 के निर्देश में इस क्रम को स्पष्ट किया था।
क्या कहा गया है केंद्र के नए निर्देश में?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को राष्ट्रीय गीत व राष्ट्रगान से जुड़े मौजूदा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने को कहा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि किसी राज्य का अपना State Song भी कार्यक्रम में प्रस्तुत किया जाता है, तो उसे पहले गाया या बजाया जाएगा। इसके बाद ‘वंदे मातरम’ और फिर ‘जन गण मन’ होगा।
यानी तमिलनाडु के संदर्भ में क्रम होगा:
तमिल थाई वाज़थु → वंदे मातरम → जन गण मन
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
तमिलनाडु में लंबे समय से सरकारी और विधानसभा कार्यक्रमों में ‘तमिल थाई वाज़थु’ को विशेष स्थान प्राप्त है।
विवाद उस समय तेज हुआ जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में पहले वंदे मातरम, उसके बाद राष्ट्रगान और फिर तमिल थाई वाज़थु प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई।
इससे यह सवाल उठा कि क्या राज्य के पारंपरिक गीत को राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के बाद रखा जा सकता है।
चेन्नई की अनन्या राधाकृष्णन ने इसी मुद्दे को लेकर मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया था। जून में अदालत ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा था।
मद्रास हाई कोर्ट में क्या मुद्दा था?
याचिका का मूल उद्देश्य यह था कि तमिलनाडु में सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत ‘तमिल थाई वाज़थु’ से करने की पुरानी परंपरा को बनाए रखा जाए।
याचिकाकर्ता ने यह तर्क दिया कि जनवरी में जारी केंद्रीय दिशा-निर्देशों का अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि राज्य के गीत को राष्ट्रीय गीत से पहले नहीं बजाया जा सकता।
जून में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया था कि यदि केंद्र के सर्कुलर को सीधे चुनौती नहीं दी गई है तो उसके आधार पर अदालत किस तरह ऐसा निर्देश जारी कर सकती है।
फिर 9 जुलाई के MHA निर्देश से तस्वीर बदल गई
जुलाई में गृह मंत्रालय ने इस मामले में महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया।
MHA के मुताबिक, जब राज्य गीत भी कार्यक्रम का हिस्सा हो तो:
पहले State Song, फिर National Song और अंत में National Anthem।
इसलिए तमिलनाडु के मामले में ‘तमिल थाई वाज़थु’ को पहले स्थान पर रखने की व्यवस्था केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही है।
इसका सीधा मतलब
| क्रम | गीत |
|---|---|
| 1️⃣ | तमिल थाई वाज़थु |
| 2️⃣ | वंदे मातरम |
| 3️⃣ | जन गण मन |
‘वंदे मातरम’ को लेकर केंद्र का निर्देश क्या है?
MHA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब वंदे मातरम और जन गण मन दोनों किसी सरकारी कार्यक्रम में प्रस्तुत किए जाते हैं, तो वंदे मातरम पहले और राष्ट्रगान बाद में होगा।
इसके साथ मंत्रालय ने दोनों के सही आधिकारिक पाठ, उच्चारण और प्रस्तुति का पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।
तमिलनाडु में मामला इतना संवेदनशील क्यों?
यह सिर्फ गीतों के क्रम का मामला नहीं है। इसके पीछे राज्य की सांस्कृतिक पहचान, केंद्र-राज्य संबंध और सरकारी प्रोटोकॉल से जुड़े राजनीतिक सवाल भी हैं।
तमिलनाडु में ‘तमिल थाई वाज़थु’ को राज्य की भाषाई-सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इसे सरकारी कार्यक्रम के अंत में रखने पर राजनीतिक और सामाजिक विरोध सामने आया।
दूसरी तरफ केंद्र का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ से संबंधित राष्ट्रीय प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।
जुलाई के नए निर्देश ने हालांकि एक महत्वपूर्ण बात स्पष्ट कर दी—State Song को पहले रखने पर कोई रोक नहीं है, बल्कि जब तीनों प्रस्तुत किए जाएं तो क्रम राज्य गीत, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का रहेगा।
🇮🇳 एक जरूरी तथ्य
‘जन गण मन’ भारत का National Anthem है, जबकि ‘वंदे मातरम’ को National Song के रूप में समान सम्मान और दर्जा दिया गया है। गृह मंत्रालय ने अपने निर्देशों में दोनों के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा है।
इसलिए इसे “तमिल गीत बनाम राष्ट्रगान” के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। असल विवाद सरकारी कार्यक्रम में गीतों के क्रम और राज्य गीत की स्थिति को लेकर है।
Action Bharat की हेडलाइन
तमिलनाडु में पहले बजेगा ‘तमिल थाई वाज़थु’, फिर वंदे मातरम और राष्ट्रगान; केंद्र के नए प्रोटोकॉल से साफ हुई तस्वीर
Sub-head:
MHA के 9 जुलाई के निर्देश में State Song को पहले, Vande Mataram को दूसरे और Jana Gana Mana को तीसरे क्रम में रखने की बात स्पष्ट; इसी मुद्दे पर मद्रास हाई कोर्ट में याचिका पहुंची थी।
