तीसरे बच्चे पर 365 दिन की मैटरनिटी लीव नहीं, तमिलनाडु में सरकारी महिला कर्मचारियों को 12 हफ्ते का लाभ; हाई कोर्ट ने साफ किया नियम

राष्ट्रीय

चेन्नई: तमिलनाडु में सरकारी महिला कर्मचारियों के तीसरे बच्चे के जन्म पर 365 दिन की वैतनिक मैटरनिटी लीव दिए जाने का दावा फिलहाल सही नहीं है। उपलब्ध ताजा न्यायिक रिकॉर्ड के मुताबिक, तीसरे बच्चे के मामले में मातृत्व अवकाश की अधिकतम अवधि 12 सप्ताह है।

यह स्थिति सुप्रीम कोर्ट के 23 मई 2025 के फैसले और उसके बाद तमिलनाडु सरकार द्वारा 13 मार्च 2026 को Fundamental Rule 101(A) में किए गए संशोधन के बाद बनी है। (Sci API)

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

K. Umadevi बनाम Government of Tamil Nadu मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 23 मई 2025 को कहा था कि दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला को मातृत्व लाभ से पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने Maternity Benefit Act की व्याख्या करते हुए कहा कि दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला के लिए लाभ की अवधि 12 सप्ताह तक सीमित है, लेकिन मातृत्व लाभ का अधिकार केवल बच्चों की संख्या के आधार पर पूरी तरह समाप्त नहीं होता। (Indian Kanoon)

फिर तमिलनाडु सरकार ने क्या किया?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तमिलनाडु सरकार ने G.O.Ms.No.18, Home Resources Management Department, dated 13 March 2026 के जरिए Fundamental Rule 101(A) में संशोधन किया।

संशोधित नियम के अनुसार:

  • दो से कम जीवित बच्चे: अधिकतम 365 दिन
  • पहली डिलीवरी में जुड़वां बच्चे होने की विशेष स्थिति: एक और डिलीवरी के लिए अधिकतम 365 दिन
  • दो या उससे अधिक जीवित बच्चे: अधिकतम 12 सप्ताह की पूर्ण वेतन वाली मैटरनिटी लीव (Sekar Reporter)

मद्रास हाई कोर्ट ने भी 12 सप्ताह की सीमा बरकरार रखी

24 जून 2026 को S. Divya बनाम Registrar General, Madras High Court मामले में मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने 365 दिन की छुट्टी की मांग स्वीकार नहीं की।

अदालत ने कहा कि 13 मार्च 2026 के संशोधित Fundamental Rules के तहत तीसरे बच्चे के लिए पात्र महिला कर्मचारी को 12 सप्ताह की मैटरनिटी लीव मिलेगी। मामले में 365 दिन की छुट्टी के लिए वेतन देने की मांग खारिज कर दी गई। (Legal Republic)

तो 365 दिन वाली खबर कहां से आई?

प्रैल 2026 में मद्रास हाई कोर्ट की एक अन्य डिवीजन बेंच ने तीसरी pregnancy पर 365 दिन की छुट्टी देने का आदेश दिया था। लेकिन बाद में 24 जून 2026 के S. Divya फैसले में अदालत ने संशोधित Fundamental Rule 101(A) के तहत तीसरे बच्चे के लिए 12 सप्ताह की सीमा लागू मानी। (The News Minute)

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