नई दिल्ली। घर में तुलसी और शमी के पौधे रखना धार्मिक मान्यताओं में शुभ माना जाता है, लेकिन वास्तु के अनुसार दोनों पौधों की स्थापना के लिए अलग-अलग दिशाएं बताई जाती हैं। हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी इन्हें अलग-अलग स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
🌿 तुलसी के लिए ईशान कोण
वास्तु मान्यताओं के अनुसार तुलसी का पौधा उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में रखना शुभ माना जाता है। इसे आंगन, बालकनी या मंदिर के पास ऐसे स्थान पर रखा जा सकता है जहां पर्याप्त रोशनी और हवा मिलती हो।
🌳 शमी के लिए दक्षिण दिशा
शमी के पौधे को वास्तु परंपरा में दक्षिण दिशा से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में इसे घर के बाहर रखने और शनिवार को इसके पास सरसों के तेल का दीपक जलाने की धार्मिक मान्यता बताई गई है।
⚠️ क्या दोनों पौधे एक साथ रखें?
रिपोर्ट के अनुसार वास्तु मान्यताओं में तुलसी और शमी को एक ही स्थान पर रखने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि दोनों के लिए अलग दिशाएं बताई गई हैं। हालांकि, ये वास्तु एवं धार्मिक मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं।
📰 ACTION BHARAT के लिए शॉर्ट हेडलाइन
“तुलसी-शमी साथ रखने से पहले जान लें ये वास्तु नियम, किस दिशा में कौन सा पौधा?”
टैगलाइन:
👉 तुलसी ईशान कोण में, शमी दक्षिण दिशा में—वास्तु में क्यों बताई गई अलग-अलग जगह?
