चंडीगढ़। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में मंगलवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक, सांसद और पार्टी कार्यकर्ता हरियाणा कांग्रेस कार्यालय के बाहर जुटे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के समर्थन में लिखी तख्तियां थीं। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने और हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
विधानसभा सत्र से पहले हुआ प्रदर्शन
कांग्रेस का यह प्रदर्शन हरियाणा विधानसभा सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले किया गया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस विधायक विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी पर दर्ज मामले को राजनीतिक कार्रवाई बताया।
हुड्डा ने भाजपा पर बोला हमला
मीडिया से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दलित विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है और हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने भाजपा की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार की हालत ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसी हो गई है।
राहुल गांधी पर FIR का विरोध
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने हल्द्वानी की घटना को लेकर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस के अनुसार, ऐसे मामले में राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज करना उचित नहीं है।
पार्टी ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लिया जाए और जिस घटना को लेकर उन्होंने आवाज उठाई, उसमें निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
खरगे के ‘शुद्धिकरण’ पर भी सवाल
कांग्रेस का मुख्य विरोध हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भी है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि खरगे के कार्यक्रम के बाद स्थल का ‘शुद्धिकरण’ किया जाना दलितों के प्रति भेदभाव वाली मानसिकता को दर्शाता है।
कांग्रेस ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
कांग्रेस विधायकों ने भी साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक अशोक अरोड़ा और कुलदीप वत्स ने आरोप लगाया कि भाजपा देश में दलितों के साथ भेदभाव और ऊंच-नीच की मानसिकता को बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाने वाले राहुल गांधी पर ही कार्रवाई की जा रही है।
विधायक गीता भुक्कल और शकुंतला खटक ने भी भाजपा पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया।
वहीं, विधायक बीबी बत्रा और बलराम दांगी ने कहा कि कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर भाजपा की कथित नीतियों को जनता के सामने रख रही है।
कांग्रेस ने सरकार से रखीं प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से तीन मांगें उठाईं—
- राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाए।
- खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
- दलितों के साथ भेदभाव से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी पर एफआईआर और मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ का मामला अब राजनीतिक टकराव का मुद्दा बन गया है। चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन ने इस विवाद को और तेज कर दिया है। कांग्रेस जहां इसे दलित सम्मान और संविधान से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं इस मामले को लेकर भाजपा की ओर से अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
