कश्मीरी गेट स्लीपर बस दुष्कर्म मामले में जांच तेज, 47 KM रूट के 400 CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

क्राइम

नई दिल्ली। कश्मीरी गेट में स्लीपर बस के अंदर नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मंगलवार को पुलिस ने पीड़िता का दोबारा बयान दर्ज किया। नए बयान में पीड़िता ने बताया कि आरोपितों ने बस के पर्दे से उसके हाथ बांधने की कोशिश की थी।

मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए नोएडा पुलिस की टीम भी कश्मीरी गेट थाने पहुंची। दोनों टीमों ने मिलकर घटनाक्रम को समझने और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करने की कोशिश की।

47 किलोमीटर के पूरे रूट पर CCTV की जांच

पुलिस की जांच का सबसे बड़ा आधार फिलहाल बस की आवाजाही से जुड़े CCTV फुटेज हैं। जांचकर्ताओं ने परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर के रास्ते पर लगे 400 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है।

फुटेज के जरिए पुलिस बस की एक-एक लोकेशन और उसकी गतिविधियों का मिलान कर रही है। जांच में यह देखा जा रहा है कि बस किन चौराहों और ट्रैफिक जंक्शन से होकर गुजरी, कहां उसकी रफ्तार कम हुई और क्या वह रास्ते में कहीं रुकी थी।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बस के आसपास उस दौरान कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई।

मयूर विहार और अन्य चेकप्वाइंट पर नजर

जांचकर्ताओं की नजर दिल्ली-नोएडा सीमा के पास मयूर विहार इलाके पर भी है। यहां सड़क किनारे बैरिकेडिंग होने की जानकारी मिली है।

पुलिस यह पता कर रही है कि घटना वाली रात वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती थी या नहीं। ट्रैफिक सिग्नल और आसपास लगे कैमरों की फुटेज को बस की आवाजाही से मिलाया जा रहा है।

कश्मीरी गेट पहुंचने से पहले रूट पर दो प्रमुख चेकप्वाइंट की जानकारी सामने आई है। अब जांच का अहम पहलू यह है कि करीब 47 किलोमीटर की यात्रा के दौरान बस की निगरानी किस स्तर पर हुई और क्या कहीं उसकी जांच या तलाशी की गई थी।

फोरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच

पुलिस बस के अंदर मिले संभावित फोरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच करा रही है। जांच के दौरान छात्रा के बाल के कुछ नमूने मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बस के अंदर मिले अन्य संभावित साक्ष्यों को भी सुरक्षित किया गया है।

इन साक्ष्यों का मिलान आरोपितों के बयानों और CCTV फुटेज से किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम की पुष्टि करने वाले ठोस सबूत जुटाए जा सकें।

बस चालक के परिवार ने जताई साजिश की आशंका

मामले में बस चालक कुलदीप के परिवार ने उसे निर्दोष बताते हुए साजिश के तहत फंसाए जाने का दावा किया है। परिवार के अनुसार, कुछ समय पहले कुलदीप के पिता की हत्या जमीन विवाद के मामले में हुई थी।

कुलदीप की पत्नी के मुताबिक, वह कुछ समय घर पर रहने के बाद 4 अगस्त को काम के लिए निकले थे और अगले ही दिन परिवार को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली।

कुलदीप की मां ने भी पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कराने की मांग की है। हालांकि, पुलिस ने परिवार की ओर से लगाए गए साजिश के आरोपों की पुष्टि नहीं की है।

फिलहाल पुलिस CCTV, फोरेंसिक साक्ष्य, आरोपितों के बयान और पीड़िता के दोबारा दर्ज बयान को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी तैयार करने में जुटी है।

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