बिहार में नदियां उफान पर, उत्तराखंड-हिमाचल में भूस्खलन; महाराष्ट्र के अंबोली में चेरापूंजी से ज्यादा बारिश

राष्ट्रीय

असम (Action Bharat) | देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने के कारण भारी बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश के कारण जहां बिहार में कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ है।

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के अंबोली में भी इस मानसून सीजन में बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, यहां अगस्त तक करीब 250 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है और सितंबर के दौरान इसके करीब 400 इंच तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इस तरह अंबोली में बारिश का आंकड़ा देश के अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल चेरापूंजी से भी अधिक बताया जा रहा है।

बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ा

बिहार में लगातार बारिश और आसपास के क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा के कारण कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने मंगलवार को बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा आने वाले दिनों में भी राज्य के कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड में भूस्खलन से यातायात प्रभावित

उत्तराखंड में पिछले करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इससे सड़कों पर यातायात प्रभावित होने के साथ लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान चट्टानें और मलबा सड़कों पर आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

हिमाचल प्रदेश में नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला है। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर भारी भूस्खलन की घटना सामने आई, जिसके कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं यात्रियों के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। ऐसे में मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

अंबोली में चेरापूंजी से भी ज्यादा बारिश

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले का अंबोली क्षेत्र भी इस समय अत्यधिक बारिश के कारण चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त तक यहां लगभग 250 इंच बारिश हो चुकी है। सितंबर में बारिश का आंकड़ा करीब 400 इंच तक पहुंचने का अनुमान है।

अंबोली पश्चिमी घाट का एक प्रमुख अत्यधिक वर्षा वाला क्षेत्र है। मानसून के दौरान यहां भारी बारिश सामान्य है, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में पहले ही काफी बारिश दर्ज की जा चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। बरेली में भी भारी बारिश की सूचना है।

उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कई मौसमी सिस्टम सक्रिय

मौसम में बदलाव के पीछे एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का असर बताया जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से की ओर बढ़ गया है।

इसके अलावा मानसून ट्रफ, हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी बिहार तथा असम के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण जैसे सिस्टम भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।

9 सितंबर तक इन क्षेत्रों में बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के व्यापक अनुमान के मुताबिक 9 सितंबर तक बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

इसके बाद भी उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। हालांकि केरल में गर्मी और उमस का दौर बना रह सकता है। तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मानसून के इस चरण में कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, नदियों के बढ़ते जलस्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने तथा भारी बारिश के दौरान संवेदनशील और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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