नई दिल्ली: GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान और एक समान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के कर अधिकारी नए नियमों पर काम कर रहे हैं। प्रस्ताव के तहत अलग-अलग राज्यों में GST पंजीकरण के लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं और जरूरी दस्तावेजों में एकरूपता लाई जाएगी।
🔴 बड़ी बात क्या है?
- GST रजिस्ट्रेशन के लिए एक समान नियम और दस्तावेज तय करने की तैयारी।
- हर राज्य में अलग-अलग प्रक्रिया से कारोबारियों को होने वाली परेशानी कम होगी।
- हर महीने ₹2.5 लाख से अधिक ITC आगे बढ़ाने वाले बड़े कारोबारियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव।
- GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने के नियमों में भी ऑटोमेशन और स्पष्टता लाने पर चर्चा।
- केंद्र और राज्यों की सहमति के बाद प्रस्ताव GST परिषद के सामने रखा जाएगा।
- GST परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करती हैं।
📌 अभी क्या समस्या है?
CBIC सदस्य (GST) संजय मंगल के अनुसार, फिलहाल केंद्रीय GST व्यवस्था और अलग-अलग राज्य GST व्यवस्थाओं में बड़े कारोबारियों के पंजीकरण की प्रक्रिया में अंतर है। इससे कारोबारियों के बीच अनिश्चितता पैदा होती है।
सरकार अब एक Uniform Standard Operating Procedure (SOP) या समान दस्तावेज तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
💰 कारोबारियों को क्या फायदा होगा?
अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो GST रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग राज्यों में अलग दस्तावेज या प्रक्रियाओं की जरूरत कम हो सकती है। इससे आवेदन की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और एकसमान होने की उम्मीद है।
हालांकि, अभी ये बदलाव प्रस्ताव के स्तर पर हैं। अंतिम नियम GST परिषद की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे।
स्रोत: पीटीआई इनपुट | Action Bharat
