दिल्ली में असली बैच नंबर के नाम पर नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन का खेल, 4 गिरफ्तार; कंपनी ने भी जताया फर्जीवाड़े का दावा

क्राइम

असम (Action Bharat) | दिल्ली में एंटी-रेबीज वैक्सीन से जुड़ा एक गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि एक नामी कंपनी के असली बैच नंबर का इस्तेमाल कर नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन तैयार कर बाजार में बेची जा रही थी। मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और ड्रग्स कंट्रोल विभाग की कार्रवाई के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मामला मुखर्जी नगर इलाके का है, जहां एक अनधिकृत आवासीय परिसर से संदिग्ध एंटी-रेबीज वैक्सीन बरामद की गई थी। जांच के लिए भेजे गए नमूनों को प्रयोगशाला ने मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया और उन्हें गलत ब्रांडिंग वाला उत्पाद बताया।

मुखर्जी नगर में छापेमारी के दौरान मिली वैक्सीन

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को ड्रग्स कंट्रोल विभाग और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुखर्जी नगर स्थित एक अनधिकृत आवासीय परिसर में कार्रवाई की।

इस दौरान एंटी-रेबीज वैक्सीन की कई शीशियां बरामद की गईं। इन पर निर्माता कंपनी का नाम और बैच नंबर KE25012 दर्ज था।

मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। बरामद वैक्सीन के नमूने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अधिकारियों की मौजूदगी में लिए गए और जांच के लिए केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (CDL), कसौली भेजे गए।

लैब जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

केंद्रीय प्रयोगशाला में जांच के दौरान बरामद नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसे मिसब्रांडेड यानी गलत ब्रांडिंग वाला उत्पाद बताया गया।

इसके बाद CDSCO ने सभी राज्यों के ड्रग्स कंट्रोल अधिकारियों को बैच नंबर KE25012 की बिक्री और वितरण पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली वैक्सीन कहां तैयार की गई और दिल्ली के अलावा कहीं और भी इसकी सप्लाई की गई थी या नहीं।

कंपनी ने कहा- बरामद वैक्सीन हमारी बनाई हुई नहीं

मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी तब सामने आई जब वैक्सीन बनाने वाली कंपनी ह्यूमन बायोलॉजिक्स इंस्टीट्यूट ने बरामद उत्पाद को अपना मानने से इनकार किया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कंपनी ने 4 सितंबर को CDSCO और ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को दिए जवाब में कहा कि मुखर्जी नगर से बरामद वैक्सीन उसकी ओर से निर्मित नहीं की गई थीं।

कंपनी ने असली और बरामद उत्पादों की तुलना करने के बाद कई अंतर पाए जाने का दावा किया है।

असली बैच नंबर का ही किया गया इस्तेमाल?

कंपनी के अनुसार, बरामद वैक्सीन और उसके पास सुरक्षित असली KE25012 बैच के नमूनों की तुलना में 17 अंतर पाए गए।

कंपनी का आरोप है कि उसके उत्पाद के नाम और असली बैच नंबर का इस्तेमाल करके नकली वैक्सीन तैयार की गई और उसे दिल्ली में बेचा गया।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि संदिग्ध वैक्सीन का निर्माण वास्तव में कहां हुआ था और इसके पीछे कितना बड़ा सप्लाई एवं बिक्री नेटवर्क काम कर रहा था।

असली बैच की स्वतंत्र जांच के बाद हुई थी सप्लाई

कंपनी ने अपने जवाब में बताया कि असली बैच KE25012 को बाजार में भेजने से पहले उसकी स्वतंत्र गुणवत्ता जांच की गई थी।

केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला, कसौली की जांच के बाद 7 नवंबर 2025 को बैच रिलीज प्रमाणपत्र जारी किया गया था। इसके बाद इस बैच की करीब 83,370 वैक्सीन अधिकृत वितरण चैनल के जरिए बाजार में भेजी गई थीं।

कंपनी ने 14 अगस्त को CDSCO को उत्पादन, गुणवत्ता जांच और वितरण से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराए थे।

कंपनी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

कंपनी ने 4 सितंबर को DCGI को भेजे पत्र में बरामद संदिग्ध वैक्सीन के स्रोत का पता लगाने और इस पूरे मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि असली बैच नंबर और कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर नकली वैक्सीन तैयार करने वाला नेटवर्क कितना बड़ा है और ये उत्पाद किन-किन जगहों तक पहुंचाए गए।

राज्यों को भी अलर्ट किया गया

मामले की गंभीरता को देखते हुए CDSCO ने राज्यों के ड्रग्स कंट्रोल अधिकारियों को बैच नंबर KE25012 से जुड़े उत्पादों की बिक्री और वितरण पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

एंटी-रेबीज वैक्सीन जैसी जीवनरक्षक दवा के मामले में सामने आया यह फर्जीवाड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस और संबंधित औषधि नियामक एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।

अगर असली बैच नंबर का इस्तेमाल कर नकली वैक्सीन बाजार तक पहुंचाई गई, तो इसकी सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं? जांच के आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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