चंडीगढ़। पंजाब के संगरूर जिले के भिंडरा सेंटर के अंतर्गत आने वाले तीन सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कथित फर्जी दाखिलों, कागजों में छात्रों की हाजिरी और सरकारी योजनाओं के फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मजीठिया के अनुसार, स्कूल छोड़ चुके बच्चों के नाम कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में बनाए रखे गए और उनके नाम पर वजीफा, भोजन तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे गरीब अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के बच्चों के अधिकार प्रभावित हुए हैं।
• तीन सरकारी स्कूलों को लेकर शिकायत
11 अगस्त 2026 को संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत एनसीएससी को भेजी गई शिकायत में सरकारी प्राथमिक स्कूल भिंडरा, सरकारी प्राथमिक स्कूल बलियां और सरकारी प्राथमिक स्कूल संतोकपुरा का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गांव छोड़ चुके प्रवासी बच्चों के नाम स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज रखे गए और लंबे समय तक उनकी हाजिरी भी दर्ज की जाती रही।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कुछ ऐसे बच्चों के नाम स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज थे, जो निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं या कथित रूप से अस्तित्व में ही नहीं हैं। आरोप है कि फर्जी छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों के पद बनाए रखने के साथ मिड-डे मील, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ का कथित दुरुपयोग किया गया।
• RTI के जवाब नहीं मिलने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाने के लिए तीन अलग-अलग आरटीआई आवेदन दायर किए गए, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। इसके अलावा ई-पंजाब और यू-डायस पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति और मूल्यांकन से जुड़े आंकड़ों में कथित हेरफेर का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में एसएमसी ग्रांट, छात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म, किताबों और मिड-डे मील के अलावा आयरन-फोलिक एसिड तथा एल्बेंडाजोल की गोलियों के वितरण में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
• NCSC मुख्यालय में सुनवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं होने की आशंका जताते हुए एनसीएससी मुख्यालय, नई दिल्ली में मामले की सुनवाई कराने की मांग की है। साथ ही स्कूलों में प्रवेश, हाजिरी, मिड-डे मील, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अपील की गई है।
मजीठिया ने एनसीएससी से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार पर गरीब एससी बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित शिक्षा विभाग और अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना जरूरी होगा।
