पटना | बिहार में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जा रहा है। पटना में एल्विन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान सौर ऊर्जा के विस्तार, बिजली खर्च में संभावित कमी और इससे जुड़े रोजगार के अवसरों को लेकर चर्चा हुई। राम कृपाल यादव ने ग्रीन एनर्जी को बिहार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने और इसके साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
ग्रीन एनर्जी के साथ रोजगार पर फोकस
राम कृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केवल स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने चाहिए, ताकि इसका लाभ युवाओं और आम लोगों तक पहुंच सके।
उनके अनुसार—
- सौर ऊर्जा के विस्तार से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सकता है।
- रूफटॉप सोलर से घरों के बिजली खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
- सोलर सिस्टम की स्थापना, रखरखाव और इससे जुड़ी सेवाओं में रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
- ग्रीन एनर्जी और रोजगार को बिहार के सतत विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
राम कृपाल यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में रूफटॉप सोलर सिस्टम के विस्तार पर निजी कंपनियां और सरकारी योजनाएं दोनों स्तर पर जोर दे रही हैं।
बिहार में 10 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य
कार्यक्रम में एल्विन एनर्जी की ओर से बिहार में बड़े स्तर पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजना की जानकारी दी गई।
कंपनी के अनुसार, उसने बिहार में करीब 10 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। कंपनी का दावा है कि इस पहल से राज्य में लगभग 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, रोजगार की यह संख्या कंपनी का अनुमान/दावा है। वास्तविक रोजगार सृजन सिस्टम की स्थापना, परियोजना के विस्तार और उससे जुड़ी सेवाओं की वास्तविक मांग पर निर्भर करेगा।
3 किलोवाट सोलर सिस्टम के लिए वित्तीय व्यवस्था
कार्यक्रम में 3 किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए प्रस्तावित वित्तीय व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।
कंपनी के मुताबिक पात्र उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय मॉडल में—
- केंद्र सरकार की ओर से ₹78 हजार की सहायता,
- बिहार सरकार की ओर से ₹20 हजार की सहायता,
- करीब ₹1.02 लाख का बैंक ऋण,
- और लगभग ₹23 हजार के उपभोक्ता योगदान को रीबेट के रूप में माफ करने की बात कही गई है।
यह व्यवस्था पात्रता और संबंधित योजना के नियमों के अधीन होगी। उपभोक्ताओं को आवेदन करने से पहले आधिकारिक योजना दिशा-निर्देश और अपने पात्रता मानदंड की पुष्टि करनी होगी।
बिजली खर्च कम करने की कोशिश
रूफटॉप सोलर का प्रमुख उद्देश्य घरों और अन्य उपभोक्ताओं की बिजली जरूरतों के एक हिस्से को सौर ऊर्जा से पूरा करना है। इससे बिजली बिल में कितनी बचत होगी, यह सिस्टम की क्षमता, बिजली की खपत, धूप की उपलब्धता और स्थानीय परिस्थितियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।
कंपनी के मुताबिक बिहार में इस पहल का उद्देश्य सौर ऊर्जा का विस्तार करने के साथ उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करने में मदद करना है।
बिहार के बाहर भी विस्तार की योजना
एल्विन एनर्जी ने बताया कि बिहार के अलावा कंपनी अन्य राज्यों में भी विस्तार कर रही है। कंपनी के अनुसार उसने आंध्र प्रदेश के अमरावती से अपनी यात्रा शुरू करने के बाद तेलंगाना और तमिलनाडु में भी विस्तार किया है।
इससे संकेत मिलता है कि कंपनी रूफटॉप सोलर को अलग-अलग राज्यों में बड़े पैमाने पर स्थापित करने के मॉडल पर काम कर रही है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर?
रूफटॉप सोलर के बड़े पैमाने पर विस्तार के साथ केवल सोलर पैनल की बिक्री ही नहीं, बल्कि इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल कार्य, सिस्टम की जांच, रखरखाव और सर्विस से जुड़े काम भी बढ़ सकते हैं।
इसी वजह से कार्यक्रम में ग्रीन एनर्जी को रोजगार और सतत विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य बातें
- बिहार में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने पर जोर।
- पटना में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सम्मान समारोह’ आयोजित।
- सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे।
- एल्विन एनर्जी ने 10 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य बताया।
- कंपनी ने करीब 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान जताया।
- 3 किलोवाट सिस्टम के लिए केंद्र और राज्य सहायता तथा बैंक ऋण की प्रस्तावित व्यवस्था बताई गई।
- ग्रीन एनर्जी को बिजली बचत, रोजगार और सतत विकास से जोड़ने पर जोर।
नोट: 10 लाख सोलर सिस्टम और करीब 20 हजार रोजगार से संबंधित आंकड़े कार्यक्रम में कंपनी की ओर से बताए गए लक्ष्य/अनुमान हैं। इन्हें वास्तविक उपलब्धि या सुनिश्चित रोजगार के आंकड़े के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
