दिल्ली के पार्कों में शाम के बाद सुरक्षा होगी कड़ी, 300 पार्कों का ऑडिट पूरा; बढ़ेगी रोशनी और गश्त

दिल्ली

नई दिल्ली, Action Bharat | दिल्ली के पार्कों में शाम के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने उपराज्यपाल के निर्देश पर अपने पार्कों का सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है। अब तक करीब 300 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा हो चुका है, जबकि बाकी करीब 375 पार्कों की जांच इसी सप्ताह पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

सुरक्षा ऑडिट के दौरान पार्कों में सुरक्षा गार्डों की उपलब्धता, रात की गश्त, CCTV कैमरे, प्रकाश व्यवस्था, प्रवेश और निकास व्यवस्था, बाड़ तथा चारदीवारी की स्थिति की जांच की जा रही है।

रात में अतिरिक्त गार्ड और बाइक से गश्त

जिन पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत सामने आई है, वहां रात की पाली में अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड तैनात किए जा रहे हैं। सुरक्षा उपकरणों और टॉर्च से लैस बाइक के जरिए भी गश्त की जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारी रात के समय पार्कों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जा सके।

अंधेरे स्थानों में बढ़ाई जाएगी रोशनी

ऑडिट के दौरान पार्कों में ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां पर्याप्त रोशनी नहीं है। इन जगहों पर अतिरिक्त लाइटें लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इसके अलावा स्ट्रीट लाइट और रोशनी के खंभों के आसपास ज्यादा बढ़ चुके पेड़-पौधों की छंटाई भी की जा रही है, जिससे पार्कों में दृश्यता बेहतर हो सके।

पुलिस के साथ बढ़ाया जा रहा समन्वय

DDA ने दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा गार्डों को संबंधित बीट अधिकारी के संपर्क में रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए कहा गया है।

जहां पार्कों की बाड़ या चारदीवारी में कमी पाई गई है, वहां उसे दुरुस्त करने का काम भी किया जा रहा है। साथ ही CCTV और प्रवेश-निकास व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम चल रहा है।

पार्कों के समय में नहीं हुआ बदलाव

DDA ने स्पष्ट किया है कि पार्कों के निर्धारित समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तय समय के दौरान सभी लोग पार्कों का इस्तेमाल कर सकते हैं। महिलाओं और पुरुषों या किसी अन्य आधार पर पार्कों में प्रवेश पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

पार्कों में लगाए जा रहे सूचना बोर्डों पर लोगों को सूर्यास्त के बाद रोशनी वाले मुख्य रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

DDA के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और सभी अन्य आगंतुकों के लिए पार्कों में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।

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