रांची (Action Bharat) | झारखंड हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत दर्ज मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन पक्ष पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया है। अदालत ने जवाब दाखिल करने में देरी और अतिरिक्त समय मांगने पर नाराजगी जताई। (Haribhoomi)
यह मामला ED के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा और अन्य के खिलाफ दर्ज SC-ST एक्ट की प्राथमिकी को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा है। अधिकारियों ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए FIR को रद्द करने की मांग की है। (Live Law Hindi)
क्या है पूरा मामला?
हेमंत सोरेन की शिकायत के आधार पर ED अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई थी। शिकायत में जांच और पूछताछ के दौरान उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद संबंधित ED अधिकारियों ने FIR को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
सुनवाई के दौरान जवाब दाखिल करने के लिए फिर से समय मांगे जाने पर अदालत ने ₹10 हजार का जुर्माना लगाया और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होगी। (Arth Parkash)
इस मामले में पहले भी हाई कोर्ट ED अधिकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर अंतरिम राहत दे चुका है। मार्च 2024 में अदालत ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अगली सुनवाई तक किसी तरह की coercive कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। (Live Law)
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