रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिदिन लगभग 500 लोगों की जान जा रही है। यह आंकड़ा देश की सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
2025 में 1.83 लाख लोगों की मौत
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण लगभग 1.74 लाख लोगों की मौत हुई थी। यह दुनिया भर में सड़क हादसों में हुई कुल 12.2 लाख मौतों का 14 प्रतिशत से अधिक था।
वहीं, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर लगभग 1.83 लाख तक पहुंच गई।
महिलाओं की मौत का 8वां प्रमुख कारण गिरना
WHO की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के मामले में ऊंचाई या अन्य कारणों से गिरना मौत का 8वां प्रमुख कारण है। वहीं, पुरुषों के लिए सड़क दुर्घटनाएं मौत का 8वां सबसे बड़ा कारण बनी हुई हैं।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल
लगातार बढ़ते हादसों ने तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य पालन, ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, सुरक्षित सड़क निर्माण और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन बेहद जरूरी है।
हर दिन करीब 500 लोगों की मौत का आंकड़ा बताता है कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के सामने एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती भी है।
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