नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि भारत में प्राइवेट बैंकिंग की शुरुआत आज के बड़े बैंक HDFC या ICICI से नहीं हुई थी?
भारत का पहला प्राइवेट बैंक नेडुंगाडी बैंक माना जाता है, जिसकी शुरुआत 1899 में केरल के कोझिकोड में टी.एम. अप्पू नेडुंगाडी ने की थी।
लेकिन अगर बात 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद शुरू हुए नए दौर के प्राइवेट बैंकों की करें, तो कहानी अलग है।
UTI बैंक, जिसे आज Axis Bank के नाम से जाना जाता है, की स्थापना 1993 में हुई और 1994 में इसने कामकाज शुरू किया।
खास बात यह है कि 2 अप्रैल 1994 को अहमदाबाद में UTI बैंक की पहली शाखा का उद्घाटन तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया था।
मनमोहन सिंह वही नेता थे जो 1991 के आर्थिक उदारीकरण के दौरान देश के वित्त मंत्री थे।
इसके बाद HDFC Bank और ICICI Bank जैसे नए दौर के बड़े प्राइवेट बैंक भी भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में आए।
यानी भारत की प्राइवेट बैंकिंग का इतिहास 1899 के नेडुंगाडी बैंक से शुरू होकर आज के Axis, HDFC और ICICI जैसे दिग्गज बैंकों तक पहुंचा है।
