नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में 15 अगस्त 2020 का दिन आज भी एक बेहद भावुक पल के रूप में याद किया जाता है। इसी दिन पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। इसके कुछ ही देर बाद उनके बेहद करीबी दोस्त और टीममेट सुरेश रैना ने भी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया।
रैना ने अब उस दिन की कहानी बताते हुए खुलासा किया है कि उनके अचानक संन्यास लेने के फैसले से धोनी खुद भी हैरान रह गए थे। रैना के मुताबिक, जब उन्होंने ड्रेसिंग रूम में धोनी को बताया कि अब वह भी संन्यास ले रहे हैं, तो धोनी का तत्काल रिएक्शन था—“ये क्या किया तूने?”
धोनी के संन्यास के कुछ देर बाद रैना ने भी लिया फैसला
15 अगस्त 2020 को धोनी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। धोनी ने अपने संदेश में कहा था कि भारतीय समयानुसार शाम 7:29 बजे से उन्हें रिटायर्ड माना जाए।
धोनी के इस फैसले के कुछ ही पलों बाद सुरेश रैना ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।
रैना ने आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट ‘Bat and Ball’ में उस पूरे घटनाक्रम को याद करते हुए बताया कि उनका फैसला पूरी तरह से भावनात्मक भी था। वह लंबे समय से भारतीय टीम और आईपीएल में धोनी के साथ खेलते रहे थे और दोनों के बीच मैदान के बाहर भी बेहद करीबी रिश्ता था।
रैना ने बताया, धोनी ने पूछा- ‘ये क्या किया तूने?’
रैना के मुताबिक, धोनी के संन्यास के बाद उन्होंने भी मन बना लिया था कि अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का समय आ गया है।
उन्होंने उस पल को याद करते हुए बताया कि जब वह ड्रेसिंग रूम में धोनी के पास गए और कहा कि “बस, हो गया”, तो धोनी उनकी बात सुनकर हैरान रह गए।
धोनी ने उनसे पूछा—
“ये क्या किया तूने?”
रैना के लिए यह फैसला आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि एक खिलाड़ी के तौर पर देश के लिए खेलना जिंदगी का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, लेकिन एक समय ऐसा आता है जब परिवार के साथ समय बिताने और जीवन के दूसरे पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत महसूस होती है।
‘उस वक्त लगा कि फैसला सही है’
रैना ने बताया कि उस समय उनके मन में कई तरह के विचार चल रहे थे। उन्होंने कहा कि एक क्रिकेटर अपने करियर के दौरान देश के लिए बहुत कुछ करता है और उसके परिवार को भी कई तरह के त्याग करने पड़ते हैं।
उनके मुताबिक, उस समय उन्हें महसूस हुआ कि संन्यास लेने का फैसला सही है।
रैना ने यह भी बताया कि उस समय उनकी उम्र करीब 32-33 साल थी और वह अपने जीवन के अगले चरण के बारे में सोचने लगे थे।
उनके लिए यह सिर्फ क्रिकेट छोड़ने का फैसला नहीं था, बल्कि अपने परिवार को अधिक समय देने की इच्छा भी इसके पीछे एक बड़ी वजह थी।
धोनी और रैना का रिश्ता सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं
धोनी और रैना ने भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक क्रिकेट खेला। इसके अलावा दोनों चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के लिए भी लंबे समय तक साथ रहे।
रैना को CSK में अक्सर धोनी के सबसे भरोसेमंद साथियों में गिना जाता रहा। दोनों की दोस्ती को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी हमेशा काफी चर्चा रही है।
रैना ने अपने इंटरव्यू में बताया कि धोनी ने कई मौकों पर उनकी बल्लेबाजी को आगे बढ़ाने के लिए खुद के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया।
रैना बोले- धोनी ने मेरे लिए अपनी बल्लेबाजी से समझौता किया
रैना के मुताबिक, जब धोनी कप्तानी की जिम्मेदारी में आए तो उन्होंने टीम के हित में बल्लेबाजी क्रम को लेकर कई फैसले किए।
रैना ने बताया कि पहले जब सौरव गांगुली कप्तान थे, तब धोनी खुद ऊपर बल्लेबाजी करते थे। लेकिन बाद में धोनी ने टीम की जरूरत के मुताबिक युवराज सिंह और रैना को ऊपर खेलने का मौका दिया और खुद अपनी स्थिति में बदलाव किया।
रैना के लिए धोनी का यह भरोसा बेहद महत्वपूर्ण था।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आपकी क्षमता पर खुद से ज्यादा भरोसा कर रहा है, तो उसके लिए प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी भी महसूस होती है।
‘मुझे उनके लिए प्रदर्शन करना था’
रैना ने बताया कि धोनी के भरोसे ने उन्हें टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया।
उनके मुताबिक, बल्लेबाजी के अलावा वह गेंदबाजी और फील्डिंग में भी पूरी मेहनत करने के लिए तैयार रहते थे। उनका मानना था कि टीम के लिए मैदान पर हर भूमिका को पूरे दिल से निभाना जरूरी है।
रैना ने कहा कि जब किसी व्यक्ति के साथ आपका भावनात्मक जुड़ाव हो जाता है तो उसके साथ वर्षों तक खेलना और उस रिश्ते को बनाए रखना अलग ही अनुभव होता है।
‘हर किसी के पास पैसा है, लेकिन बड़ा दिल जरूरी है’
धोनी के साथ अपने रिश्ते को लेकर रैना ने एक बेहद भावुक बात भी कही।
उनका कहना था कि धोनी ने उनके लिए कई बार समझौते किए और उनकी क्षमताओं पर भरोसा दिखाया। ऐसे में रैना को लगता था कि उनके पास भी उस भरोसे का जवाब अपने प्रदर्शन और समर्पण से देने की क्षमता होनी चाहिए।
रैना ने धोनी की उदारता का जिक्र करते हुए कहा कि पैसा होना अलग बात है, लेकिन उसे सही जगह खर्च करने के लिए बड़ा दिल होना जरूरी है।
यही वजह है कि रैना धोनी के साथ अपनी दोस्ती को सिर्फ क्रिकेट की साझेदारी नहीं मानते।
संन्यास के समय दोनों थे CSK के बायो-बबल में
धोनी और रैना ने जब संन्यास की घोषणा की, उस समय दोनों चेन्नई सुपरकिंग्स के बायो-बबल में थे और आईपीएल के लिए UAE रवाना होने की तैयारी कर रहे थे।
कोरोना महामारी के कारण 2020 का आईपीएल भारत में आयोजित नहीं हो सका था और टूर्नामेंट सितंबर से नवंबर के बीच UAE में खेला गया था।
ऐसे में 15 अगस्त की शाम भारतीय क्रिकेट के लिए दो बड़े नामों के अंतरराष्ट्रीय करियर के अंत की खबर लेकर आई।
धोनी पहले, रैना कुछ मिनट बाद
धोनी और रैना के संन्यास की टाइमिंग ने उस दिन को और खास बना दिया।
पहले धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा और कुछ ही देर बाद रैना ने भी यही फैसला कर लिया। उस समय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या रैना ने धोनी के साथ ही संन्यास लेने का फैसला किया था।
रैना के ताजा खुलासे से यह जरूर पता चलता है कि धोनी को उनके इस फैसले की पहले से जानकारी नहीं थी और वह रैना के संन्यास से हैरान हुए थे।
दोस्ती आज भी कायम
सुरेश रैना ने अपने बयान में साफ किया कि क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद धोनी के साथ उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ।
उनके मुताबिक, क्रिकेट ने दोनों को एक-दूसरे के करीब लाया, लेकिन वर्षों की दोस्ती अब खेल से कहीं आगे जा चुकी है।
15 अगस्त 2020 का वह दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दो महान खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय सफर के अंत के तौर पर दर्ज है। लेकिन रैना के खुलासे ने उस दिन की एक ऐसी निजी कहानी सामने ला दी है, जिसमें धोनी की हैरानी, रैना की भावनाएं और दोनों की गहरी दोस्ती साफ दिखाई देती है।
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