नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली से सटे द्वारका एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में निर्माण स्थल पर काम कर रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब सड़क के सेंट्रल मीडियन पर काम कर रहे मजदूरों को दिल्ली की ओर से आ रही एक सफेद कार ने टक्कर मार दी।
पुलिस के अनुसार, कार चालक की पहचान दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज में इकोनॉमिक्स ऑनर्स के तीसरे वर्ष के छात्र वेदांत खन्ना के रूप में हुई है। हादसे में वह भी गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रात करीब 2 बजे हुआ हादसा
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसा राम चौक के पास रात करीब 1:50 बजे से 2:30 बजे के बीच हुआ।
उस समय मजदूरों का एक समूह एक्सप्रेसवे के सेंट्रल मीडियन पर लोहे की बाड़ लगाने और नींव में कंक्रीट डालने का काम कर रहा था। इसी दौरान दिल्ली की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार निर्माण स्थल में घुस गई और मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया।
तीन मजदूरों की मौत, एक ICU में भर्ती
हादसे में मृतकों की पहचान—
- बिजेंद्र सिंह (58)
- पप्पू सिंह (55)
- सतीश चंद (43)
के रूप में हुई है।
वहीं राम कुमार (28) गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका एक निजी अस्पताल के ICU में इलाज चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक और घायल सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सरवाना गांव के रहने वाले थे। वे करीब दो दिन पहले ही गुरुग्राम आए थे और बाजघेरा इलाके में किराए के मकान में साथ रह रहे थे।
कार ने पहले से लगाए सुरक्षा इंतजामों को तोड़ा
हादसे के संबंध में दर्ज शिकायत में साइट पर काम कर रहे मृतक सतीश चंद के भाई जितेंद्र कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया है।
शिकायत के अनुसार, निर्माण स्थल को मानक सुरक्षा उपकरणों से घेरा गया था। वहां—
- रिफ्लेक्टिव वॉर्निंग बोर्ड
- बैरिकेड
- ट्रेस्टल
जैसे सुरक्षा इंतजाम लगाए गए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मजदूर मीडियन की नींव में कंक्रीट डाल रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार ने पहले सुरक्षा बैरियर को टक्कर मारी और इसके बाद डिवाइडर पर मौजूद मजदूरों को कुचल दिया।
पिकअप ट्रक से टकराने के बाद रुकी कार
शिकायत के मुताबिक, मजदूरों को टक्कर मारने के बाद कार आगे खड़े पिकअप ट्रक से टकराई। इसके बाद कार मीडियन पर चढ़ गई और जाकर रुकी।
हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों और मजदूरों ने इमरजेंसी सेवाओं को सूचना दी। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में बिजेंद्र सिंह और पप्पू सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं उसी रात सतीश चंद की भी मौत हो गई।
कार चालक भी गंभीर रूप से घायल
हादसे में कार चला रहे वेदांत खन्ना को भी गंभीर चोटें आईं। उन्हें पहले एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने घटना में शामिल वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
नशे में ड्राइविंग की भी जांच
हादसे के बाद कुछ मजदूरों और शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि कार चालक नशे की हालत में लग रहा था। हालांकि, पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस का कहना है कि चालक शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में था या नहीं, इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच और ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
गुरुग्राम पुलिस के पीआरओ संदीप तुरान के अनुसार, चालक के ब्लड सैंपल लिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे के समय वह शराब या किसी अन्य नशे के प्रभाव में था या नहीं।
FIR दर्ज, कई धाराओं में कार्रवाई
मृतक सतीश चंद के भाई जितेंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने हादसे में शामिल वाहन जब्त कर लिए हैं और मामले में कई गंभीर आरोपों के तहत कार्रवाई शुरू की है।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों, वाहन की गति, चालक की स्थिति और घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा इंतजामों समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
दो दिन पहले ही गुरुग्राम पहुंचे थे मजदूर
हादसे में जान गंवाने वाले और घायल मजदूरों के बारे में रिपोर्ट में बताया गया है कि वे सभी बुलंदशहर के सरवाना गांव से थे और रोजगार के लिए करीब दो दिन पहले ही गुरुग्राम आए थे।
वे बाजघेरा इलाके में किराए के मकान में साथ रह रहे थे। सड़क निर्माण स्थल पर काम के दौरान हुए हादसे ने उनके परिवारों को गहरा सदमा दिया है।
द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान हुई यह दुर्घटना सड़क निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों और रात के समय यातायात प्रबंधन से जुड़े सवाल भी सामने लाती है। हालांकि, हादसे की पूरी जिम्मेदारी और दुर्घटना के सटीक कारणों का निर्धारण पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
Action Bharat | Delhi-NCR Desk
