नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई विपक्षी मुख्यमंत्रियों और नेताओं की विदेश यात्राओं को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिल चुकी है।
भगवंत मान की विदेश यात्रा भी अटकी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फरवरी 2026 में राज्य के उद्योग मंत्री समेत 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ निवेश आकर्षित करने के लिए यूके और इजरायल जाना था, लेकिन राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली। इससे पहले 2024 में पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का समर्थन करने के लिए उनकी यात्रा को भी मंजूरी नहीं मिली थी।
ममता बनर्जी को दो बार नहीं मिली अनुमति
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सितंबर 2021 में रोम में विश्व शांति सम्मेलन में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली थी। इससे पहले 2018 में शिकागो जाने की उनकी योजना को भी राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली थी।
केजरीवाल और सिसोदिया भी सूची में
दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अक्टूबर 2019 में C40 जलवायु शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए डेनमार्क जाने की अनुमति नहीं मिली थी। वहीं तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को नवंबर 2018 में ऑस्ट्रिया यात्रा के लिए मंजूरी नहीं मिली थी।
पिनाराई विजयन की यात्रा भी रोकी गई
नवंबर 2025 में केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को सऊदी अरब, बहरीन और ओमान की यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली थी।
क्या होती है Political Clearance?
किसी मुख्यमंत्री या सरकारी अधिकारी की आधिकारिक अथवा निजी विदेश यात्रा के लिए केंद्र की निर्धारित प्रक्रिया के तहत विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी समेत आवश्यक अनुमतियां लेनी होती हैं। यात्रा का उद्देश्य, कार्यक्रम का स्तर, आमंत्रण, संबंधित देश और भारत के साथ उसके संबंध जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर मंजूरी पर फैसला किया जाता है।
ACTION POINT
रेवंत रेड्डी की विदेश यात्रा को राजनीतिक मंजूरी न मिलने के बाद फिर गरमाया केंद्र बनाम राज्य का मुद्दा। लेकिन रिकॉर्ड बताता है कि इससे पहले भी ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और पिनाराई विजयन समेत कई विपक्षी नेताओं की विदेश यात्राओं को मंजूरी नहीं मिली है।
