नई दिल्ली। भारतीय संसद में विधेयकों को एक ही सत्र में पेश कर दोनों सदनों से पारित कराने का चलन बढ़ता दिखाई दे रहा है। 18वीं लोकसभा में अब तक 64 में से 34 विधेयक यानी 53 प्रतिशत ऐसे रहे, जिन्हें एक ही सत्र में पेश करने के बाद दोनों सदनों से पारित कराया गया।
मानसून सत्र में सबसे तेज रफ्तार
13 अगस्त को समाप्त हुए मानसून सत्र में यह प्रवृत्ति सबसे ज्यादा देखने को मिली। सत्र के दौरान 12 विधेयक पेश किए गए, जिनमें से 11 दोनों सदनों से पारित हो गए। केवल भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 लंबित रहा।
पहले की लोकसभाओं का रिकॉर्ड
PRS Legislative Research के आंकड़ों के मुताबिक:
- 16वीं लोकसभा: 189 में से 63 विधेयक यानी 33% एक ही सत्र में पास।
- 17वीं लोकसभा: 190 में से 117 विधेयक यानी 62% एक ही सत्र में पास।
- 18वीं लोकसभा: अब तक 64 में से 34 विधेयक यानी 53% एक ही सत्र में पास।
बजट सत्र में भी दिखी तेजी
2026 के बजट सत्र में पेश किए गए 10 विधेयकों में से 5 उसी सत्र में दोनों सदनों से पारित हुए थे।
सरकार के एजेंडे से अलग भी पास हुए बिल
मानसून सत्र में सरकार के शुरुआती विधायी एजेंडे में पांच नए विधेयकों को पेश कर पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इसके अलावा दो लंबित विधेयकों को विचार एवं पारित करने के लिए रखा गया था।
हालांकि, अंत में पारित हुए 11 विधेयकों में से 6 ऐसे थे, जो शुरुआती एजेंडे में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध नहीं थे।
दो लंबित विधेयक नहीं हो सके पास
सरकार के एजेंडे में शामिल दो लंबित विधेयक—विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 और विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026—भी इस सत्र में पारित नहीं हो सके।
ACTION POINT
संसद में विधायी कामकाज की रफ्तार बढ़ी है। 18वीं लोकसभा में आधे से ज्यादा विधेयक एक ही सत्र में दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं, जबकि मानसून सत्र में 12 में से 11 बिल पास होना इस तेजी का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
